मोदी सरकारकी स्टार्टअप योजनामें ४ सालमे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स ८५ गुना बढ़े

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मोदी सरकारकी स्टार्टअप योजनामें  ४ सालमे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स ८५  गुना बढ़े

स्टार्टअप इंडिया इनिशिएटिव के तहत सरकार से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या में करीब 85 गुना की बढ़ोतरी हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2016 में स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम लांच किया था। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) में रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स की संख्या 2016 में महज 504 थी, जो 2020 में बढ़कर 42,733 पर पहुंच गई।

मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 2017 में बढ़कर 5,420 पर और 2018 में बढ़कर 8,946 पर पहुंच गई। 2019 में ऐसे स्टार्टअप्स की संख्या 11,683 और 2020 में 14,778 हो गई। मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या की सालाना वृद्धि दर हालांकि गिरती रही है। 2016-17 में यह दर 975% थी, जो 2017-18 में घटकर 65%, 2018-19 में 30.5% और 2019-20 में 26.5% रह गई।

17 फरवरी 2021 को मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 44,000 से ज्यादा थी

फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2018 तक 8,939 स्टार्टअप्स मान्यता प्राप्त थे। हाल में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने लोकसभा में दिए एक लिखित जवाब में कहा कि 27 जनवरी 2021 को मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 1,402 थी। हालांकि स्टार्टअप इंडिया प्लेटफॉर्म के आंकड़ों के मुताबिक 17 फरवरी 2021 को मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या बढ़कर 44,000 के पार पहुंच गई।

मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को सिडबी के FFS से मिलता है निवेश

मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में सिडबी के 10,000 करोड़ रुपए के फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS) से निवेश हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 31 जनवरी 2021 तक सरकार से मान्यता प्राप्त 391 स्टार्टअप्स में FFS से 5,089.55 करोड़ रुपए का निवेश हुआ था। हालांकि फंड लेने वाले स्टार्टअप्स की संख्या में महज 22% की बढ़ोतरी हुई है। 18 फरवरी 2020 तक इस कार्यक्रम के तहत फंड लेने वाले स्टार्टअप्स की संख्या 320 थी। FFS से फंड हासिल करने वाले कुछ प्रमुख स्टार्टअपस में डंजो, क्योरफिट, फ्रेशटूहोम, जंबोटैल, अनअकेडमी, यूनीफोर, वेदांतू, वोगो, जोस्टल आदि शामिल हैं।

कारोबार की स्थापना से 10 साल तक उसे स्टार्टअप माना जाता है

गौरतलब है कि स्टार्टअप इंडिया पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और DPIIT मान्यता के लिए रजिस्टेशन दोनों अलग है। सिर्फ स्टार्टअप्स इंडिया पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होने से स्टार्टअप्स DPIIT के लाभ हासिल नहीं कर सकते हैं। हालांकि स्टार्टअप इंडिया पोर्टल पर रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स कई अन्य सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। अभी सरकार किसी कंपनी की स्थापना के बाद से 10 साल तक ही उसे स्टार्टअप मानती है।

दैनिक भास्कर से साभार

जादा जानकारी केलिए इस वेबसाईटको देखे
Startup India   https://www.startupindia.gov.in

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